जयपुर, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत द्वारा आरजीएचएस में राज्य कर्मियों को इलाज एवं दवा नहीं मिलने के चलते तीन सितंबर को मध्याह्न 12:30 बजे से लेकर 1.30 तक विरोध स्वरूप कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया की सरकार द्वारा राज्य कर्मियों के वेतन से आरजीएचएस की अनिवार्य रूप से कटौती तो कर ली जाती है लेकिन इलाज और दावों के लिए उन्हें इस प्रकार भटकना पड़ता है जैसे सरकार यह सब उन्हें निशुल्क दे रही हो। महासंघ द्वारा अनेक बार ज्ञापन देखकर ध्यान आकर्षित किया जा चुका है।
लेकिन कभी इलाज को लेकर तो कभी दवा को लेकर राज्य कर्मियों को गत वर्षो में निरंतर परेशानी उठानी पड़ती रही है । और अब तो हालात इतने खराब हो गए हैं कि अधिकांश अस्पतालों ने आरजीएचएस में इलाज करना ही बंद कर दिया है। इसी प्रकार गंभीर रूप से रोगग्रस्त कर्मियों को 5 दिन से अधिक भर्ती रहने की आवश्यकता होने पर भी अस्पताल द्वारा डिस्चार्ज कर दिया जाता है और फिर आरजीएचएस से भर्ती करने की पुनः परमिशन की अनुमति इतनी विलंब से आती है की राज्य कर्मी को नकद इलाज भी कराना पड़ता है। ओपीडी के समय के अलावा यदि कोई इमरजेंसी हो जाती है तो उसमें भी निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है ।
अतः महासंघ में आपात बैठक कर निर्णय किया और कल मुख्य सचिव सुधांशु पंत को भी अवगत करवा दिया गया था और चेतावनी दे दी गई थी की आरजीएचएस में सभी अनुमोदित अस्पताल में इलाज और दवाई मिलना आरंभ नहीं हुआ तो राजधानी स्थित सरकारी कार्यालयों में राज्य कर्मी 3 सितंबर को मध्याह्न में 12:30 से लेकर 1:30 तक कार्य बहिष्कार करने का आव्हान किया है। इसके बावजूद यदि सरकार ध्यान नहीं देती है तो फिर सभी संगठनों के साथ मिलकर एक राज्य व्यापी आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। आवश्यकता होने पर विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा पर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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(Udaipur Kiran)
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